डंइड़धरा
यह मूलतः पुरुष प्रधान झूमर नृत्य गीत है। मरदाना झूमर में इसका व्यवहार होता है। पुरुष नर्तक एक दूसरे को कमर (डांड़) पकड़ कर जुड़ जाते है और एक रने अधिक कतारबद्ध होकर हाथों, पैरों एवं बदन से विभिन्न प्रकार के तीच, लय, ताल, राग के अनुरुप नृत्य करते हैं।